Wednesday, March 31, 2010
कैसी मस्ती है
जिस बालक को माँ ने अपना माना है,वह छोरा दौड़कर गोद में चढ़ जाय तो माँ हँसेगी और जानकर ऊँ-ऊँ-ऊँ करके रोता है तो माँ हँसती है कि देखो ठगाई करता है मेरे से।छोरे की वह कौन-सी क्रिया है,जिससे माँ को प्रसन्नता नहीं होती है।ऐसे ही हम भगवान् के बनकर जो भी करें,हमारी हर क्रिया भगवान् का भजन हो जायेगी।कुछ भी काम करो भगवान् खुश होते रहते हैं।यह मेरा बालक खेल रहा है। कैसी मस्ती है
Monday, March 29, 2010
Sunday, March 28, 2010
Saturday, March 27, 2010
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